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9 Jul 2020

मां के सुनाए एक शेर ने जगदीप को कभी हारने नहीं दिया, क्या थी वो सीख?



अब हमारे बीच नहीं रहे. जगदीप का बुधवार रात उनके घर पर निधन हो गया. उनकी उम्र 81 साल थी. जगदीप ने अपनी जिंदगी में बहुत मुश्किलों का सामना किया लेकिन कभी हार नहीं मानी, वो बस चलते चले गए. एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी मां के द्वारा कहे गए शेर का जिक्र किया था और बताया था कि कैसे उस शेर ने उन्हें कभी हारने नहीं दिया.

दिग्गज एक्टर जगदीप अब हमारे बीच नहीं रहे. जगदीप का बुधवार रात उनके घर पर निधन हो गया. उनकी उम्र 81 साल थी. जगदीप ने अपनी जिंदगी में बहुत मुश्किलों का सामना किया लेकिन कभी हार नहीं मानी, वो बस चलते चले गए. एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी मां के द्वारा कहे गए शेर का जिक्र किया था और बताया था कि कैसे उस शेर ने उन्हें कभी हारने नहीं दिया.

मां के एक शेर ने सारी जिंदगी दी हिम्मत

जगदीप ने कहा था-''मैंने जिंदगी से बहुत कुछ सीखा है. मेरी मां ने मुझे समझाया था. एक बार बॉम्बे में बहुत तेज तूफान आया था. सब खंभे गिर गए थे. हमें अंधेरी से जाना था. उस तूफान में हम चले जा रहे थे. एक टीन का पतरा आकर गिरा और मेरी मां के पैर में चोट लगी.'

'बहुत खून निकल रहा था. ये देख मैं रोने लगा. तो मेरी मां तुरंत अपनी साड़ी फाड़ी और उसे बांध दिया. तूफान चल रहा था. तो मैंने कहा कि यहीं रुक जाते हैं, ऐसे में कहां जाएंगे. तो उन्होंने एक शेर पढ़ा था. उन्होंने कहा था- 'वो मंजिल क्या जो आसानी से तय हो वो राह ही क्या जो थककर बैठ जाए.'पूरी जिंदगी मुझे ये ही शेर समझ में आता रहा कि वो राह ही क्या जो थककर बैठ जाए. तो अपने एक-एक कदम को एक मंजिल समझ लेना चाहिए. छलांग नहीं लगानी चाहिए, गिर जाओगे.'

Source - Aaj Tak 

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