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12 Jun 2019

जहां फिल्में शूट कर शाहरुख, सलमान और आमिर सुपरस्टार बने, वो जगह बिक गई


आइकॉनिक आर.के. स्टूडियो के बाद एक और मशहूर फिल्म स्टूडियो बिकने जा रहा है. 1958 में कमाल अमरोही का खड़ा किया कमलिस्तान स्टूडियो का अस्तित्व भी मिटने जा रहा. अब उस फिल्म स्टूडियो की जगह देश का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट पार्क बनेगा. कॉर्पोरेट पार्क का मतलब ऑफिशियल इस्तेमाल के लिए बनाई गई जगह. इस स्टूडियो को दो बड़ी बड़ी रिएल्टी कंपनियां डीबी रिएल्टी और आर.एम.ज़ी मिलकर बनाएंगी.

कमलिस्तान स्टूडियो में बॉलीवुड की बड़ी फिल्में शूट की गई हैं. लेकिन वो दौर अब पीछे छूट गया है. तकनीकी रूप से अक्षम और बेहिसाब महंगी होने की वजह से इन स्टूडियोज़ में अब फिल्में शूट होनी बंद हो चुकी हैं. कमाल अमरोही के बेटे ताजदार अमरोही ने मिंट से बात करते हुए बताया था कि इस स्टूडियो से उन्हें 90 लाख रुपए का किराया आता था. लेकिन स्टूडियो के रख-रखाव, नौकरो की सैलरी और तमाम खर्चों के बाद उनके पास बमुश्किल 10-15 लाख रुपए बचते हैं. इसके अलावा उसमें जो मेहनत जाती है, सो अलग. ये रकम भी कमाल अमरोही के तीनों बच्चों शानदार, ताजदार और रूख्सार में बराबर बंटती थी. कुछ मिलाकर उनके मुताबिक ये स्टूडियो फायदे का सौदा नहीं रहा था.

कमाल अमरोही के बच्चों ने इस स्टूडियो का एक टुकड़ा 2010 में ही बेच दिया था. डीबी रिएल्टी, अविनाश भोसले ग्रुप और लुथरियाज़ जैसे बिल्डर्स ने मिलकर जमीन का ये हिस्सा 200 करोड़ रुपए में खरीदा था. और अब ये 15 एकड़ में फैला पूरा स्टूडियो बिक गया. बताया जा रहा है कि जिस लेवल पर इस कॉर्पोरेट पार्क खड़ा करने की बात की जा रही, उसमें कम से कम 21 हज़ार करोड़ रुपए का खर्च आएगा. जोगेश्वरी-विखरोली लिंक रोड पर मौजूद इस साइट पर बनने वाले प्रोजेक्ट का नाम ‘एस्पायर’ या ‘नेक्सस’ बताया जा रहा है.

कमलिस्तान स्टूडियो को खरीदने वाली कंपनियां है डीबी रिएल्टी, आर.एम.ज़ी कॉर्पोरेट ग्रुप और अविनाश भोसले ग्रुप. इसमें से इस प्रॉपर्टी का 55 शेयर यानी स्टेक आर.एम.ज़ी ग्रुप के पास रहेगा और बाकी बचे 45 फीसदी में से अविनाश भोसले और डीबी रिएल्टी की पार्टनरशिप होगी. अविनाश भोसले ग्रुप कमाल अमरोही की बनाई प्रोडक्शन कंपनी महल पिक्चर्स में भी हिस्सेदार है.

इस स्टूडियो में कई कमाल अमरोही ने अपने प्रोडक्शन कंपनी के तहत बनी फिल्में ‘महल’, ‘पाकीज़ा’ और ‘रज़िया सुल्तान’ की शूटिंग की थी. इसके अलावा अब तब यहां सैकड़ों फिल्में और टीवी सीरियल्स शूट किए जा चुके हैं. अमिताभ बच्चन की ‘अमर अकबर एंथनी’ से लेकर ‘कालिया’, ‘ब्लैक’ और ‘बंटी और बब्ली’ जैसी फिल्में इसी स्टूडियो में शूट गई थीं. आमिर खान की महेश भट्ट डायरेक्टेड ‘दिल है कि मानता’ को भी यहीं फिल्माया गया था. शाहरुख की ‘बाज़ीगर’, ‘हम तुम्हारे हैं सनम’ और ‘कोयला’ कमलिस्तान से बनकर निकली हैं. संजय दत्त की ‘खलनायक’ और पुलिसगिरी की शूटिंग भी इसी स्टूडियो में हुई थी. सलमान खान की फिल्म ‘दबंग 2’ का भी एक हिस्सा यहां पर शूट किया गया था.

इससे पहले राजकपूर के बनाया आर.के. स्टूडियो को भी उनके बच्चों ने गोदरेज प्रोपर्टीज़ नाम की एक रिएल्टी कंपनी के हाथों बेच दिया था. गोदरेज आर.के. स्टूडियो को रेसिडेंशियल स्पेस में तब्दील करना चाहती है. सितंबर, 2017 में आर.के.स्टूडियो में भीषण आग लग गई. इससे वहां पड़े कई ऐतिहासिक कॉस्ट्यूम और प्रॉप्स भी जलकर खाक हो गए. ऋषि कपूर ने कहा था कि वो इस स्टूडियो को दोबारा खड़ा करेंगे. लेकिन इस आग ने ऐसी किसी भी संभावना पर विराम लगा दिया. इसे ठीक करवाने में जो लागत आती, उसकी भारपाई करने में ये स्टूडियो सक्षम नहीं था. ऋषि कपूर ने इस स्टूडियो की तुलना उस बड़े हाथी से की, जिसका पालन-पोषण कर पाना उनके या उनके परिवार के लिए संभव नहीं है. और इसे इसी हालत में छोड़कर वो आने वाली जेनरेशन के लिए किसी भी तरह की विवाद की स्थिति पैदा नहीं होने देना चाहते. इसलिए बहुत सोच-विचार करने के बाद कपूर खानदान ने ये स्टूडियो बेच दिया.

Source - Aaj Tak 

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