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29 Mar 2018

स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर कैसे बने गीतकार, जानिए यह रोचक किस्सा

बकौल जावेद वह उनके वंश की 7वीं पीढ़ी हैं जो कविता, गाने और बोल लिख रही है। यानि उनके वंश की पिछली 7 पीढ़ियां यही करती रही थीं इसलिए वह ऐसा करने से कतरा रहे थे।

लिरिक्स राइटर जावेद अख्तर का बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में अहम योगदान है। उन्होंने कई फिल्मों की स्क्रिप्ट और तमाम गानों के बोल लिखे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जावेद पहले एक स्क्रिप्ट राइटर थे और बाद में वह लिरिक्स राइटर बने। इतना ही नहीं इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी भी है और आज हम आपको इसी कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं। जावेद ने जी क्लासिक पर प्रसारित होने वाले अपने शो “द गोल्डन ईयर्स” में बताया कि वह स्क्रिप्ट लिखा करते थे और साल 1978-79 में उन्होंने पहली बार कविता लिखी। उन्होंने इस शो में यह भी बताया कि इससे पहले उन्होंने कविता क्यों नहीं लिखी थी।
बकौल जावेद वह उनके वंश की 7वीं पीढ़ी हैं जो कविता, गाने और बोल लिख रही है। यानि उनके वंश की पिछली 7 पीढ़ियां यही करती रही थीं इसलिए वह ऐसा करने से कतरा रहे थे। जावेद ने बताया कि वह बचपन से ही ऐसे माहौल में रहे थे कि उन्हें 12 की उम्र तक हजारों शेर याद हो गए थे और 20 की उम्र तक यह आंकड़ा लाखों में पहुंच गया था। जावेद ने यह भी बताया कि उन्हें आज भी इतने शेर-ओ-शायरी व कविताएं याद हैं कि वह कम से कम 8 घंटे तक लगातार दूसरों की कविताएं सुना सकते हैं। अपनी कविताओं को यदि शामिल कर लिया जाए तो यह आंकड़ा और बढ़ जाएगा।

उन्होंने कहा कि उन्होंने कविताएं लिखना उस उम्र में शुरू किया था जिस उम्र तक आते-आते आम तौर पर कविताएं लिखना छोड़ देते हैं। उन्होंने बताया कि क्योंकि वह अपने परिवार के बागी बेटे थे तो उन्होंने अपने परिवार के धंधे को और आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया और यह काम छोड़ दिया। जावेद ने बताया कि वह तब तक यश चोपड़ा जी के लिए बहुत काम कर चुके थे और क्योंकि यश चोपड़ा को शायरी का काफी शौक था तो वह अक्सर जावेद से शायरियां सुनते थे। एक दिन जावेद उनके पास आए और कहने लगे कि मैं जो फिल्म बना रहा हूं उसका हीरो राइटर है और मैं रेग्यूलर लेखकों से गाने नहीं लिखवाना चाहता हूं कि तुम लिख दो।

जावेद अख्तर ने तुरंत उन्हें मना कर दिया। यश चोपड़ा भी जिद्दी आदमी थे और उन्होंने जावेद अख्तर की सारी शर्तें मानते हुए उन्हें मना ही लिया। जावेद अख्तर ने बताया कि उन्होंने जो पहला गाना लिखा था उसकी टोन जावेद की मुताबिक थोड़ी बदली गई थी और यह पहली बार था कि जब जावेद अख्तर ने किसी फिल्म के लिए गाना लिखा।
Source - Jansatta

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