How refreshingly cute do Ranbir Kapoor and Deepika Padukone look in this still from 'Tamasha'!

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They may not be dating each other anymore but Ranbir Kapoor and Deepika Padukone's onscreen chemistry lights up the screen, literally. A still from their upcoming film 'Tamasha' has Ranbir holding Deepika's hand and leading her on in a picturesque locale. After the stupendous success of 'Yeh Jawani Hai Deewani', the two actors pair once again in Imtiaz Ali's next. While the film is scheduled to release in November, fans of the two stars are already very excited specially after the first look of the film was released by the film's producer, UTV.

SOURCE - IBN LIVE

फिल्‍म रिव्यू: मसान

कलात्मक नजरिये से बनाई जाने वाली कुछ फिल्में आजकल बरास्ता कान समारोह भारत आती हैं तो उन्हें कुछ ज्यादा ही सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। बीते कुछ वर्षों में अनुराग कश्यप की 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' और विक्रमादित्य मोटवाणी की 'उड़ान' सरीखी फिल्मों को शायद इसी वजह से कुछ ज्यादा ही पसंद किया गया था। भारत में कला प्रेरित फिल्में बरसों से बनती रही हैं और वह कान समारोह से हो कर आएं, तभी उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखा जाएगा, ऐसा कतई जरूरी नहीं है। कुछ अन्य प्रतिष्ठित समारोहों के मुकाबले कान समारोह बेहद अच्छी फिल्मों के मूल्यांकन का पैमाना हो, ये भी कोई जरूरी नहीं है। इसलिए जब 'मसान' की इस साल वहां स्क्रीनिंग हुई और इसे कई मिनटों का स्टैंडिंग ओवेशन मिला तो कान खड़े होना लाजिमी था कि इस फिल्म में ऐसी क्या बात है, जिस पर फिरंग रीझ गये। डर इस बात का भी था कि कहीं इसका पहनना-ओढ़ना डैनी बॉयल की 'स्लमडॉग मिलेनियर' जैसा तो नहीं है। इस फिल्म के सन्न कर देने वाले ट्रेलर ने जिज्ञासा और उत्सुकता दोनों बढ़ा दी थी लेकिन जब 'मसान' देखी तो एक अच्छी और महान फिल्म का अंतर पता चला।

फिल्म की कहानी अलग-अलग पात्रों के साथ शुरू होती है और फिर एक सूत्र की तरह अंत में आकर इन सब किरदारों के साथ मिल जाती है। शुरुआत में दिखाया गया है कि काशी की रहने वाली एक ब्राह्मण युवती देवी पाठक (रिचा चड्ढा) अपने प्रेमी पियूष से एक होटल में मिलती है। वहां देवी को अश्लील एमएमएस कांड में फंसा दिया जाता है। पियूष उसी होटल के बाथरूम में सुसाइड कर लेता है। मामला पुलिस तक पहुंचता है और देवी के पिता विद्याधर पाठक (संजय मिश्रा) को ये सारा मामला सुलटाने के लिए तीन लाख रुपये का बंदोबस्त करना है। पाठक जी किसी जमाने में कॉलेज में संस्कृत पढ़ाते थे, लेकिन अब घाट पर क्रियाकर्म का सामान बेचते हैं, इसलिए इतने पैसों का इंतजाम उनके बस के बाहर की बात है। किसी तरह से बात किश्तों में पैसा चुकाने पर पक्की हो जाती है।

दूसरी तरफ है एक दलित युवक दीपक (विकी कौशल)। दीपक का पूरा परिवार घाट पर शव जलाने का काम करता है, लेकिन उसके पिता का सपना है कि वह पढ़-लिख कर इंजीनियर बने। दीपक एक होनहार छात्र है और इंजीनियरिंग में उसका सेलेक्शन पक्का है। एक सोशल साइट के जरिये उसे दूसरे इलाके की एक लड़की शालू (श्वेता त्रिपाठी) से प्यार हो जाता है। शालू उच्च घराने की है। देवी और उसके पिता का पैसों के लिए दिन-रात होने वाला संघर्ष और दीपक-शालू की प्रेम कथा सीन दर सीन करवटें बदलती है और फिल्म में एक समां सा बंधने लगता है। तभी एक हादसा दीपक की जिंदगी बदल देता  है। उसके साथ कुछ ऐसा होता है, जो कभी देवी के साथ हुआ था।

दीपक इस झटके से पूरी तरह टूट जाता है, पर घटनाक्रम कुछ इस तरह से बदलता है कि दीपक और देवी एक साथ एक राह पर चल पड़ते हैं।  'मसान' की कहानी कहते हुए यहां कुछ बातें नहीं बताई गयी हैं, क्योंकि उन्हें यहां जाहिर करने से आपका फिल्म देखने का मजा किरकिरा हो सकता है। कहानी और उसे कहने के अंदाज से फिल्म अच्छी है। तमाम कलाकारों का अभिनय, फिल्म का संगीत उत्तम है। सेट डिजाइन, लोकेशन, छायांकन उत्कृष्ट है। निर्देशक ने असली लोकेशंस पर शूट किया है, इसलिए फिल्म वास्तविकता के करीब लगती है। घाट पर शवों का दाह संस्कार आदि सीन्स अच्छे शूट किये गये हैं। खासतौर से पाठक जी का घर, देवी और दीपक के कॉस्ट्यूम्स आदि पर अच्छा काम किया गया है। लेकिन ऐसा क्यों है कि किसी छोटे शहर में अगर लोग सोशल वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं तो दर्शक हंसते हैं। इन सब बातों पर क्या शहरी लोगों का ही सर्वाधिकार है।

हम ये क्यों भूल जाते हैं कि कभी ये तमाम बातें शहरी लोगों के लिए भी अनजानी थीं। और ये कोई डॉक्यूमेंटरी तो नहीं, जो घाट पर शवों के दाह संस्कार करने वालों पर फोकस करती हो। दलित और कुलीन वर्ग के भेदभाव को दर्शाने वाली भी यह कोई पहली भारतीय फिल्म नहीं है। तो फिर इसे पूर्व में आ चुकी इसी तरह की फिल्मों से कैसे अलग किया जा सकता है। 'मसान' आज के संदर्भ में इसलिए एक अच्छी फिल्म कही जा सकती है, क्योंकि आज ऐसी फिल्मों की जरूरत है, जबकि मसाला सिनेमा की आंधी में ऐसी फिल्में गायब हो रही हैं। यानी इसकी उपयोगिता इसलिए नहीं है कि इसे कान समारोह में खड़े होकर सराहा गया। 

कलाकार: रिचा चड्ढा, संजय मिश्रा, विकी कौशल, श्वेता त्रिपाठी, पंकज त्रिपाठी, निखिल साहनी 
निर्देशन: नीरज घेवान
निर्माता: मनीष मुंद्रा, गुनीत मोंगा, विकास बहल, विक्रमादित्य मोटवाणी, अनुराग कश्यप
कहानी: नीरज घेवान, वरुण ग्रोवर
संगीत: इंडियन ओशन
गीत: मयूर पुरी, कौसर मुनीर, शब्बीर अहमद, नीलेश मिसरा 

Source - Hindustan

वायरल हुआ एक्ट्रेस राधिका का न्यूड VIDEO, अनुराग कश्यप ने दी सफाई

मुंबई. बॉलीवुड फिल्म 'बदलापुर' में अपनी परफॉर्मेंस के जरिए तारीफ बटोर चुकीं एक्ट्रेस राधिका आप्टे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनका एक वीडियो वॉट्सऐप पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो न्यूड दिखाई दे रही हैं। दरअसल, ये वीडियो अनुराग कश्यप की फिल्म का शॉट है। जो इंटरनेशनल ऑडियंस के लिए रिलीज किया गया है। हालांकि, फिल्म के नाम का खुलासा नहीं हो पाया है और न ही ये पता चल सका है कि ये फिल्म कब रिलीज होगी।

PITA PUTRA KI JODI BOX OFFICE PER - BAHUBALI

Source - Hindustan

18 facts of Film - BAAHUBALI

18 facts of BAAHUBALI:
1. 250 Crores in movie making
2. Guinness world record of LARGEST POSTER in 50000 sq.feet.
3. Movie pre production took 1 year. Highest time period for any indian movie
4. 17 VFX & 800+ technicians involved.
5. Cost of VFX effects 85 Crores
6. VFX team of BB & Jurassic World is the same.
7. Rajamouli took 109 days to reshoot of just a waterfall
8. Prabhas & Dugabatti consumed 40 egg whites daily for musculer body.
9. Prabhas spent 1.5 Crores on gym equipment only.
10. Prabhas postponed his marriage for d movie
11. Trailer got 4.05 million views in just 24 hrs on uTube n 1.5 million on FB.
12. Only film to feature on BBC's documentary on 100 yrs of cinema.
13. A new language named "KILIKI" invented with 750 words & 40 grammer rules.
14. 1st Indian movie to have it's own museum.

15. 1st ever actor (Prabhas) frm TOLLYWOOD to get 20 Crores (highest paid ever) for a movie.
- more thn Rajnikanth/Kamal Hasan/Chiranjiv/Mamuthi/etc...
16. Crossed 100 crores in just 36 hrs.
17. Only movie to sold Satellite rights in 25 crores.
18. MOST IMP. first ever Indian movie to get 9.4 ranking on IMDB. Way ahead thn 300 movie tht had 7.8 ranking only.
Source - Facebook

रीतेश, अरशद ‘कॉमेडी नाइट्स’ की कुछ कड़ियों में कर सकते हैं मेजबानी

रीतेश, अरशद ‘कॉमेडी नाइट्स’ की कुछ कड़ियों में कर सकते हैं मेजबानीमुंबई : ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ के मुख्य प्रस्तोता कपिल शर्मा यदि अपनी चोट से जल्द नहीं उबरते हैं तो इस कार्यक्रम में अभिनेता रीतेश देशमुख, अरशद वारसी, अर्जुन कपूर और निर्देशक साजिद खान उनकी जगह ले सकते हैं।

कपिल को चोट लग गई है और एक दो हफ्ते कार्यक्रम से उनके दूर रहने की संभावना है। कार्यक्रम के निर्माताओं ने अगले की कुछ कड़ियों की मेजबानी के लिए बॉलीवुड कलाकारों से संपर्क किया है।

इसकी क्रिएटिव निर्देशक प्रीति साइमोस ने बताया, ‘चूंकि कपिल अस्वस्थ हैं वह शूट नहीं कर सकते। उन्हें ठीक होने में एक दो हफ्ते लगेंगे। साजिद खान, अरशद वारसी, रीतेश देशमुख, अजरुन कपूर और अन्य लोग शो का हिस्सा होंगे।’ उन्होंने बताया कि शो के अन्य लोग इसका हिस्सा बने रहेंगे।

कपिल ने अपनी आखिरी कड़ी सलमान के साथ शूट की थी, जो अपनी नयी फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ के प्रचार के लिए शो में आए थे।

भाषा

Shahid Kapoor’s Wedding Function

Bollywood chocolate boy Shahid Kapoor is now a married man. The actor has tied the knot with beautiful Mira Rajput. After a night of Sangeet and Mehendi, the couple were tied in holy matrimony in a traditional Punjabi style.

Shahid Kapoor was dressed in simple cream attire with a pink and ochre coloured pagadi, on the other hand Mira was dressed in a color co-ordinated dress, with a Maang Tika adorning her forehead. The groom and the bride were spotted dancing to the tune of Shahid Kapoor’s hit number Sajh Dajh ke.

We bring here for you exclusive picture of Shahid Kapoor’s marriage ceremony.
Source - bollywood tabloid.

11 Amazing Dialogues From Dil Dhakadane Do That Are Actually True!

The movie may not have performed well, or made an impact that was expected from a Zoya movie, but it sure as hell raised the questions, we either avoid or argue about with our family every single day. One can not deny that it didn’t make sense to show such problems with such an extravagant lifestyle background, but the sheer attempt shows that no Indian family can run away from certain norms. Maybe the richer you get, the more social norms get applied to you. This list of dialogues from Dil Dhakadane Do movie will make you wonder, how true our situation is:
1. The Indian Daughter Justice Dilemma

Anil: Agar Ayesha ka naam bhi daala, toh Manav ka naam bhi daalna padta.
Courtesy: youtube.com


2. The Misuse Of Language

Amir(Pluto): Insaano ke paas ek cheez badi kamaal ki hai, woh hai zubaan, bhasha. Iske wajah se woh ek doosre se apne ideas, apni feelings share kar sakte hai. Magar sahab, yeh bhi inhi ka kamaal hai ki iss facility ke hote huye bhi in mein jitne miunderstandings hoti hai, woh bezubaan jaanwaron mein mein nahi milengi.

Courtesy: rediff.com


3. The Double Standards

Amir Khan(Pluto): Andar se kuch aur hote hai, aur bahar se kuch aur. Yeh kaam jab doosre karte hai toh insaan isse hypocrisy kehte hai aur khud karein toh duniyadaari.
Courtesy: movies.ndtv.com


4. The Parent Trap

Amir Khan(Pluto): Jab tak dum mein dum hai, yeh log apne bachhon ke zindagi mein kam se kam ek taang toh addayein rehte hai.
Courtesy: thenational.com

5. The Career Maker

Anushka: Dil se faisla karo tumhe kya karna hai, dimag tarkeeb nikalega.
Courtesy: scroll.in


6. The Concept Of Bribe

Anil: Plane chahiye ki nahi?
Courtesy: youtube.com


7. “The Society” Fear

Anil: Pata Hai log kya sochenge?
It may be a common dialogue, but in this context it’s far too pressurising.

Courtesy: youtube.com

8. The Permission

Rahul: Maine Ayesha ko allow kiya business chalane ke liye!
Farhan: Tumne Allow Kiya?!?
Courtesy: youtube.com

9. The Unsolvable Confusion

Priyanka: Manav ke liye meri jo feelings honi chahiye, woh nahi hai mujhme.
Zarina: Lekin problem kya hai?
Courtesy: youtube.com

10. The Universal solution

Zarina: Jaldi se ek baccha kar lo, tumhari saari problems solve ho jayengi.
Courtesy: youtube.com

11. The Imaginary Freedom

Amir(Pluto): Hum jaanwar bhi apne bacchon ko training dete hai. Sherni hai toh apne bacchon ko shikar sikhayegi, kabootar hai toh udna. Par ek baar agar bacchein bade ho gaye toh unhe apne marzi se jeene ke liye chhodh dete hai. Magar humare desi maa baap kabhi yeh maan hi nahi sakte ki unke bacchon mein itni akal aa gayi hai, ki woh apni marzi se jeeye.
Courtesy: bollywoodlife.com
Feature image courtesy: mensxp.com

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