Popular Posts

मूवी रिव्यू : दृश्यम

drishyam
दृश्यम’ की सबसे बड़ी खासियत यही है कि जब भी मलयालम में बनी इस फिल्म को दूसरी भाषा में बनाया गया, हर बार बॉक्स आफिस कलेक्शन का आंकड़ा ज्यादा रहा। इस फिल्म के लीड किरदार को साउथ के दो सुपरस्टार्स मोहन लाल और कमल हसन निभा चुके हैं, अब इस किरदार को अजय देवगन ने अपनी इमेज से कुछ हटकर पेश किया है। पहली बार जीतू जोसेफ ने मलयालम सुपरस्टार मोहन लाल और मीना के साथ इस फिल्म को बनाया और फिल्म रेकॉर्ड हिट रही। अब मराठी फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बना चुके डायरेक्टर निशिकांत कामत ने ‘दृश्यम’ को बॉलिवुड फिल्मों से कुछ हटकर बनाने की अच्छी कोशिश करते हुए कुछ बदलाव तो किए, लेकिन मूल कहानी और किरदारों की आत्मा को नहीं बदला। बेहतरीन लोकेशन, गजब फटॉग्रफी के साथ-साथ अजय और तबू की बेमिसाल ऐक्टिंग, सीधी-सादी कहानी इस फिल्म की यूएसपी है।

कहानी : विजय सालगांवकर (अजय देवगन) चौथी क्लास फेल है और उसने अपनी लगन, मेहनत और ईमानदारी के बूते अपनी पहचान बनाई है। गांव में विजय का केबल टीवी नेटवर्क का बिज़नस है। विजय अपनी वाइफ नंदिनी (श्रिया सरन) और बेटियों (इषिता दत्ता और मृणाल जाधव) को बेहद प्यार करता है। विजय को फिल्में देखने का जुनून है, अक्सर ऑफिस में वह सारी रात फिल्में देखते गुजार देता है। इन्हीं फिल्मों को देखते-देखते विजय ने बहुत-कुछ सीखा भी है। विजय की बड़ी बेटी (इषिता) अपने स्कूल की ओर से एक नेचर ट्रिप पर जाती है। इसी ट्रिप में दूसरे स्कूल से सैम भी आया हुआ है। इसी दौरान एक दिन बाथरूम में सैम विजय की बेटी का एक गलत वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करता है। एक दिन सैम उनके घर आकर उस पर फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए दबाव डालता है। हालात ऐसे बनते हैं कि सैम यहीं पर मारा जाता है।

सैम गोवा की आईजी मीरा देशमुख (तबू) और बिज़नसमैन महेश (रजत कपूर) का इकलौता बेटा है। पुलिस टीम सैम की तलाशते हुए विजय के घर तक पहुंचती है। दूसरी ओर, विजय ने अपनी फैमिली को पुलिस से बचाने के लिए ऐसी कहानी तैयार कर रखी है, जिसे सच बनाने के लिए उसने उन्हीं फिल्मी से मदद ली है, जिन्हें देखना उसका पैशन है।


ऐक्टिंग : ‘जख्म’, ‘हम दिल दे चुके सनम’ और ‘ओमकारा’ में अपनी संजीदा ऐक्टिंग से अजय पहले ही साबित कर चुके है उनमें हर किरदार को जीवंत बनाने का टैलंट है। विजय का किरदार निभा रहे अजय ने इस बार अपनी ऐक्शन हीरो वाली इमेज से अलग काम किया है। गोआ की इस्पेंक्टर जनरल ऑफ पुलिस मीरा देशमुख के किरदार में तबू ने दबंग किरदार के साथ-साथ एक मां का किरदार बेहद असरदार ढंग से निभाया है। श्रिया, इशिता, रजत कपूर सभी अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने में कामयाब रहे। कमलेश सावंत ने करप्ट इंस्पेक्टर के किरदार में अपनी अलग छाप छोड़ी है।

डायरेक्शन : निशिकांत कामत ने ऐसी स्क्रिप्ट चुनी है, जिसमें स्टार नहीं किरदार पावरफुल है। उन्होंने बॉलिवुड के सुपरस्टार तो लिए, लेकिन उन्हें ऐसे पेश किया जो हमें अपने आसपास नजर आते हैं। हालांकि, इंटरवल से पहले कहानी कुछ जगह ठहरती है।

संगीत : थ्रिल, सस्पेंस, मर्डर से जुड़ी इस कहानी में गीत-संगीत के साथ गुलजार साहब और विशाल भारद्वाज का नाम जुड़ा है। म्यूजिक अच्छा है, जिससे दर्शक खुद को जोड़ कर पाता है।

क्यों देंखें : बेहतरीन कसी हुई स्क्रिप्ट और गजब सस्पेंस के साथ इस फिल्म में एक मेसेज भी है। इस फिल्म को आप वीकेंड पर पूरी फैमिली के साथ देख सकते हैं।
SOURCE - pratahkal

A News Center Of Filmy News By Information Center

Google+ Followers