टाटा-बाटा गाने के साथ ही होगी ‘चक्रव्यूह’ रिलीज

'बिरला हो या टाटा, अंबानी हो या बाटा, अपने-अपने चक्‍कर में देश को है काटा'. प्रकाश झा की फिल्‍म चक्रव्‍यूह के इसी गाने ने देश के बड़े औद्योगिक घरानों की त्‍योरियां चढ़ा दी थी. मामला कोर्ट में गया और अब सुप्रीम कोर्ट ने इस गाने के साथ ही फिल्‍म को सशर्त प्रदर्शन की अनुमति दे दी है. इस फिल्म में गाने के प्रदर्शन के दौरान डिस्क्लेमर भी दिखाना होगा. रेडियो पर प्रसारित होगा ऑडिया डिस्‍क्‍लेमरचीफ जस्टिस अलतमस कबीर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि रेडियो पर इस गाने के प्रसारण से पहले भी ऑडियो डिस्क्लेमर प्रसारित करना होगा. कोर्ट ने फिल्म निर्माता को आगाह किया कि वह भविष्य में यह ध्यान रखें कि इससे दूसरे लोगों की भावनाएं आहत न हों.
जूता कंपनी बाटा की याचिका पर सुनवायीन्यायालय ने प्रमुख जूता निर्माता कंपनी बाटा की याचिका पर यह आदेश दिया. बाटा ने आरोप लगाया था कि यह गाना अपमानजनक है और इसमें उसकी कंपनी को गलत तरीके से पेश किया गया है. इससे पहले कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर बाटा कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी.
बाटा कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार का कहना था कि गाने के बोल आहत करने वाले हैं और इससे कंपनी की प्रतिष्ठा और साख पर असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि गाने में कहा गया है कि कंपनी गरीब का शोषण करती है और लाभ कमाने के लिए उन्हें चूस लेती है.
कंपनी की दलीलों से संतुष्‍ट नहीं हुआ कोर्टरंजीत कुमार का कहना था कि कंपनी 46 देशों में कारोबार करती है और यह गाना दुनिया भर में उसकी छवि को नुकसान पहुंचाएगा. न्यायाधीश इस तरह की दलीलों से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने डिस्क्लेमर के साथ फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति दे दी. इस डिस्क्लेमर में यह स्पष्ट करना होगा कि इस गाने का मकसद उन व्यक्तियों का अनादर करना नहीं है जिनके नामों का इसमें जिक्र हैं.
24 अक्‍टूबर को रिलीज होगी चक्रव्‍यूहप्रकाश झा की फिल्म ‘चक्रव्यूह’ 24 अक्‍टूबर को रिलीज हो रही है. इसमें आसमान छू रही मंहगाई और समाज में संपत्ति के असंतुलित वितरण को लेकर एक गाना है जिसमें बाटा सहित कई प्रमुख उद्योगपतियों के नाम हैं.
कोर्ट को यह भी सूचित किया गया कि बिरला औद्योगिक घराने ने भी प्रकाश झा के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. लेकिन हाईकोर्ट ने डिस्क्लेमर के साथ फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति दे दी है.
प्रकाश झा ने खुशी जाहिर कीइस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए फिल्म निर्माता प्रकाश झा ने कहा, ‘बिरला हो या टाटा, अंबानी हो या बाटा. सबने अपने चक्कर में, अपने देश को काटा... इस गाने को इसके शाब्दिक अर्थ में नहीं लिया जाना चाहिए. यह इस फिल्म का क्रिएटिव पार्ट है. इस गाने को इस फिल्म में उस कई मल्टी मिलियन कंपनी के लिए फिल्माया गया है जिसका कारोबार 46 देशों में फैला है.’
Source - AJJ TAK

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